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*श्रद्धा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय संगम — माननीय महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने किया कृत्रिम कुंड भैरव तालाब में गणपति विसर्जन*

खबर नगर निगम से

*श्रद्धा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय संगम — माननीय महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने किया कृत्रिम कुंड भैरव तालाब में गणपति विसर्जन*

खण्डवा//गणपति अथर्वशीर्ष में श्रीगणपति को संबोधित करते हुए कहा गया है — “त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः” अर्थात् “आप ही पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश हैं”। इस गहन सत्य का अर्थ है कि गणपति की उपासना केवल भक्ति का प्रतीक नहीं बल्कि पंचमहाभूतों की पवित्रता और संरक्षण का संकल्प भी है।

इसी भाव को आत्मसात करते हुए इस वर्ष भी भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि पर आज गणपति विसर्जन खंडवा महापौर द्वारा श्रद्धा एवं गरिमा के साथ सम्पन्न किया गया। किंतु इस बार विसर्जन केवल आस्था और श्रद्धा का नहीं रहा, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के संदेश से भी जोड़ा गया।

*महापौर ने किया विसर्जन*
माननीय महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव के नेतृत्व एवं नगर निगम अध्यक्ष श्री अनिल विश्वकर्मा की उपस्थिति में महापौर ने गणपति जी का विसर्जन आज निगम द्वारा निर्मित कृत्रिम कुंड भैरव तालाब में किया गया। इस अवसर पर महापौर, अध्यक्ष एवं

जनप्रतिनिधियों ने सर्वप्रथम गणपति जी की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात क्रेन द्वारा एक विशेष प्लेटफार्म पर खड़े होकर श्रद्धापूर्वक विसर्जन किया गया।विसर्जन में महापौर एवं अध्यक्ष के अतिरिक्त ,एमआईसी सदस्य श्री राजेश यादव, आयुक्त प्रियंका राजावत जी, सचिन सितोले ,संजय शुक्ला जी ,भूपेंद्र सिंह बिसेन जी ,मनीष पंजाबी जी सहित अन्य उपस्थित रहे ।

*पर्यावरण संरक्षण का संकल्प*
इस पावन अवसर पर महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने नागरिकों से अपील की कि वे सभी गणपति विसर्जन केवल कृत्रिम कुंडों में करें अथवा नगर निगम द्वारा स्थापित चार केंद्रीकृत एकत्रीकरण केंद्रों पर मूर्तियां सुपुर्द करें। नगर निगम स्वयं विधिवत विसर्जन सुनिश्चित करेगा। इस पहल का उद्देश्य नदियों और प्राचीन जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना है ताकि जल एवं जलीय जीव-जंतु सुरक्षित रह सकें।

*श्रद्धा और स्वच्छता का संदेश*
गणपति अथर्वशीर्ष का यह संदेश कि गणपति ही पंचमहाभूत हैं—आज खंडवा में वास्तविकता बन गया है। श्रद्धा के साथ जब विसर्जन कृत्रिम कुंडों में किया गया तो यह भक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय संगम बना। यह पहल यह भी दर्शाती है कि आस्था और स्वच्छता साथ-साथ चल सकती है।

*जनभागीदारी का आह्वान*
निगम ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे भी इस मुहिम का हिस्सा बनकर स्वच्छ और सुरक्षित खंडवा के निर्माण में योगदान दें। महापौर ने कहा कि “गणपति बप्पा की कृपा तभी पूर्ण होगी जब हम प्रकृति और अपने पर्यावरण की रक्षा करेंगे।”

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